Live on NaukriTime
Welcome To naukri,Nakritime,Sarkari Result, Sarkari Exam,sarkarijob,sarkarijobfind,sarkari (NaukariTime.com)
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now

Kantola Farming Business 2023: औषधीय गुणों से भरपूर इस सब्जी की करें खेती ! होगी तगड़ी कमाई, जानिए क्या है तरीका.

Kantola Farming Business:- अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छा भोजन आवश्यक है। सब्जियों में ढेर सारे पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर में पोषण की कमी को पूरा कर बीमारियों से दूर रखने में मदद करते हैं। इन्हीं में से एक फायदेमंद सब्जी है कंटोला फार्मिंग, जिसे आयुर्वेद की शक्तिशाली औषधि के रूप में जाना जाता है।

इसमें मांस की तुलना में 50 गुना अधिक ताकत और प्रोटीन होता है। इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को अंदर से साफ और स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं। ऐसे में कंटोला खेती का व्यवसाय किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.

कंटोला की खेती मुख्य रूप से भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में की जाती है। देश में इसे कंकोड़ा, कटोला, परोपा या खेखसा के नाम से भी जाना जाता है। स्वास्थ्य लाभ को देखते हुए अब दुनियाभर में कैंटोला की खेती शुरू हो गई है.  यह कद्दू परिवार का एक पौधा है, जिसे भूमिगत कंद ों द्वारा लगाया जाता है।

इसकी बेल धीरे-धीरे बढ़ती है और इसकी उम्र 3 से 4 महीने होती है। कंटोला में छोटे पत्ते और छोटे पीले फूल होते हैं। इसमें छोटे गहरे हरे, गोल फल होते हैं। इसका फल करेले के समान दिखता है, इसलिए इसे मीठा करेला भी कहा जाता है।

Business Ideas : औषधीय गुणों से भरपूर इस सब्जी की करें खेती
Business Ideas : औषधीय गुणों से भरपूर इस सब्जी की करें खेती

गुणों की खान है कंटोला 

कैंटोला के कई फायदे हैं। यह पचाने में हल्का और कैलोरी में कम होता है। इसमें कई रासायनिक यौगिक होते हैं, जो मानव शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है। कैंटोल त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह आंखों की रोशनी बढ़ाता है। कैंटोला कैंसर की संभावना को कम करता है। यह गुर्दे की पथरी को दूर करता है। कंटोला बवासीर को ठीक करने के लिए एक घरेलू उपाय है। यह खांसी के इलाज में सहायक है।

बुआई का समय 

कंटोला की फसल जायद या खरीफ के मौसम में लगाई जाती है। यह गर्मियों की उपज के लिए मैदानी इलाकों में जनवरी-फरवरी में उगाया जाता है। खरीफ की फसल जुलाई-अगस्त में लगाई जाती है। यह बीज, कंद या कटिंग द्वारा लगाया जाता है। एक एकड़ में बुवाई के लिए 1-2 किलो बीज की जरूरत होती है।

खेत की तैयारी 

कंटोला की खेती के लिए जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी, जिसका पी.एच 5.5-6.5 हो, उपयुक्त होती है. 2-3 गहरी जुताई के बाद पाटा चलाना चाहिए. अंतिम जुताई के समय अच्छी सड़ी हुई गोबर खाद 10-15 टन प्रति हेक्टेयर मिट्टी में मिलानी चाहिए. दो मेड़ों के बीच की दूरी 1-2 मीटर और पौधों की दूरी 60-90 सेमी उपयुक्त है. पौधों का सहारा देने की जरूरत होती है.

जब कंटोला के फल बड़े साइज के हो जाएं, तब मुलायम अवस्था में एक दिन या 2-3 दिनों के गैप में नियमित तुड़ाई करना फायदेमंद होता है. अच्छी देखभाल करने पर कंटोला की 650 ग्रा प्रति बेल की उपज ली जा सकती है. यह लगभग 5 टन प्रति एकड़ के बराबर है.

निष्कर्ष – Kantola Farming Business

इस तरह से आप अपना Kantola Farming Business कर सकते हैं, अगर आपको इससे संबंधित और भी कोई जानकारी चाहिए तो हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं |

दोस्तों यह थी आज की   Kantola Farming Business के बारें में सम्पूर्ण जानकारी इस पोस्ट में आपको Kantola Farming Business , इसकी सम्पूर्ण जानकारी बताने कोशिश की गयी है |

ताकि आपके Kantola Farming Business से जुडी जितने भी सारे सवालो है, उन सारे सवालो का जवाब इस आर्टिकल में मिल सके |

तो दोस्तों कैसी लगी आज की यह जानकारी, आप हमें Comment box में बताना ना भूले, और यदि इस आर्टिकल से जुडी आपके पास कोई सवाल या किसी प्रकार का सुझाव हो तो हमें जरुर बताएं |

और इस पोस्ट से मिलने वाली जानकारी अपने दोस्तों के साथ भी Social Media Sites जैसे- Facebook, twitter पर ज़रुर शेयर करें |

ताकि उन लोगो तक भी यह जानकारी पहुच सके जिन्हें Kantola Farming Business पोर्टल की जानकारी का लाभ उन्हें भी मिल सके|’

Important Links

Home Page
new
Click Here
Join Our Telegram Groupnew Click Here
Official Websitenew Click Here

Sources –

Internet

Also Read:-

Related Posts

Join Job And News Update
Telegram WhatsApp Channel
FaceBook Instagram
Twitter YouTube
Join Telegram